भारतीय डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम ने लोन के क्षेत्र में अपनी रणनीति में बदलाव करने का एलान किया है, जिससे शेयर मूल्य में तेजी से गिरावट हो रही है। इसका मुख्य कारण है कंपनी का नया फोकस, जिसमें बड़े साइज के लोन पर ध्यान केंद्रित हो रहा है और छोटे पोस्टपेड लोन को धीरे-धीरे कम किया जा रहा है। इससे पेटीएम के शेयरों में गहरा गिरावट आई है और वित्तीय बाजार में इसका असर बढ़ रहा है।
पेटीएम की नई रणनीति का अध्ययन
पेटीएम के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, भावेश गुप्ता, ने बताया कि कंपनी अब 50,000 रुपये से कम के लोनों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने बताया, “पोस्टपेड लोन का पोर्टफोलियो है जो मुख्यतः 50,000 रुपये से कम का होता है। हमने तय किया है कि धीरे-धीरे 50,000 रुपये लोन के पोर्टफोलियो, खास तौर पर पोस्टपेड लोन को कम करेंगे।”
यह नई रणनीति बाजार में चर्चा का केंद्र बन गई है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि पेटीएम अपने लोन सेगमेंट में बदलते तत्वों को देखकर अपने उपभोक्ताओं के लिए सशक्त और समर्थनयोग्य स्ट्रैटेजी का अनुसरण कर रहा है।
शेयर मूल्य में गिरावट के पीछे के कारण
पेटीएम के इस नए कदम के बावजूद, शेयर मूल्य में तेजी से गिरावट आ रही है। इस तेजी से गिरावट के पीछे कई कारण हैं, जिन्होंने बाजार में निर्मित उत्साह को ध्यानाकर्षित किया है।
छोटे पोस्टपेड लोन का बजट कमी
पेटीएम ने अपनी नई रणनीति के तहत छोटे पोस्टपेड लोन को कम करने का निर्णय लिया है, जिससे बाजार में उतरने वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर हो रहा है। यह नहीं केवल नए उत्साह को बढ़ा रहा है, बल्कि वित्तीय बाजार में इसका प्रभाव महसूस हो रहा है और यहां शेयर मूल्य में गिरावट आई है।
एनालिस्ट्स की चेतावनी और डाउनग्रेड का कारण
पेटीएम की इस नई रणनीति को लेकर एनालिस्ट्स को तबाही का अंदेशा है, जिसका परिणाम स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शेयर मूल्यों में गिरावट है। JP मॉर्गन ने इसे ओवरवेट से डाउनग्रेड कर दिया है और उनके नोट में यह बताया गया है कि कंपनी ने कम रकम वाले लोन में 40–50% गिरावट का संकेत दिया है। उन्होंने टारगेट प्राइस को 1200 रुपये से 900 रुपये कर दिया है, जिससे लक्ष्य को 10.70% घटाया गया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इसे लेकर अपनी सलाह दी है और उनके अनुसार, खरीदारी की सलाह है और टारगेट प्राइस को 1025 रुपये किया है, जिससे भाव में 26% का उछाल आ सकता है। उन्होंने छोटे साइज के लोन को कम करने की पेटीएम की रणनीति को टोटल लोन पर असर डालने के बारे में भी सतर्कता जताई है और इसे लेकर भी रिसर्च फर्म सतर्क है।
एक और कारण है कि दुनिया के एक मुख्य निवेशक, वॉरेन बफेट, की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने पेटीएम में निवेश किया है। बर्कशायर हैथवे ने अपनी हिस्सेदारी को फिनटेक कंपनी पेटीएम से खुले बाजार में 1,370 करोड़ रुपये में बेच दिया है, जिससे वॉरेन बफेट को 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
आज किन शेयरों में है मुनाफा और घाटा
सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर नुकसान में रहे। उनके खिलाफ, पावरग्रिड के शेयर में 1.25 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.07 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 0.96 प्रतिशत और एनटीपीसी में 0.76 प्रतिशत की तेजी है। मारुति, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक के शेयर भी लाभ में रहे। अन्य एशियाई बाजारों में जापान का निक्की नुकसान में रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को मिले जुले रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार (6 दिसंबर 2023) को 79.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

